, ,

4 Mukhi Rudraksha Nepali

Availability:

40 in stock


Approx Weight: 16.55 mm

Approx Size: 2.45 gm

100.00

40 in stock

Buy Now

चार  मुखी रुद्राक्ष

यह चतुर्मुर्ख ब्रह्म जी का स्वरुप माना जाता है । इसमे चार धारिया होती हैं जो चारों वेदों को दर्शाती हैं जिस कारन इसे चार वेदों का रुप भी माना जाता है और यह मनुष्य  को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चतुवर्ग देने वाला माना जाता है । यह चारो वर्ण ब्राह्मण ,क्षत्रिय ,वैश्य वा शूद्र तथा चारों आश्रम-ब्रह्माचर्य ,गृहस्थ वानप्रस्थ तथा सन्यास के द्वारा पूजित और परम वन्दनीय है ।

जो विद्यार्थी पढने में कमजोर हो या बोलने में अटकता हो उसे ये रुद्राक्ष जरुर धारण कराये । इसको धारण करने से नर-हत्या के पाप दूर होते है । इसे पाने से व्याभिचारी भी ब्रह्मचारी और नास्तिक भी आस्तिक होता है तथा इसको धारण करने से ज्ञान और मानसिक विकास में बढोत्तरी होती है । छात्र वैज्ञानिको, कलाकार, टीचर, लेखक पत्रकारों को ये रुद्राक्ष जरुर धारण करना चाहिए ।

चार मुखी रुद्राक्ष के फायदे

इससे हाथ, बाजू ,थायराइड ग्लैंड ,ब्रेन डिस आर्डर जैसी समस्याओ मे लाभ मिलता है  साथ ही साथ  बुध के स्वामी ग्रह होने के कारन यह है बुध ग्रह के नकारात्मक प्रभावों एवं ग्रह दोषों को भी दूर करता है और यह  व्यक्ति के  खुद को व्यक्त करने  की क्षमता को भी सुधारता है जो बुध ग्रह के नकारात्मक प्रभाव से उत्पन्न होती है ।

चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मानसिक रोगो से शान्ति मिलती है और स्वास्थ्य ठीक रहता है। चतुर्मुखी ब्रह्मा का स्वरुप होने के कारन इस रुद्राक्ष में ब्रह्म तत्त्व का वास है और ये हमे ब्रह्म चेतना और ब्रह्म ज्ञान को आत्मसाध करने में सहायक है । ये व्यक्ति में ज्ञान और जिज्ञासा को जागृत करता है और उसे अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करता है।

Four Mukhi Rudraksha

It is believed to be the form of Chaturmukha Brahma Ji. It has four stripes and is also considered as the form of four Vedas.  It is the one that can pleasure Dharma, Artha, Kama, and Moksha to its wearer and is worshiped and most venerated by the four Varnas ie. Brahmins, Kshatriyas, Vaishyas, and Shudras and the four Ashrams – Brahmacharya, Grihastha, Vanaprastha, and Sanyasa.

Wearing this rudraksha the sins of man-killing can be removed and it can even turn an adulteress into a celibate and an atheist into a believer. Also, it can increase knowledge and mental development due to which it can also be worn by students, scientists, artists, teachers, writers, and journalists.

Benefits of Four Mukhi Rudraksh

This Rudraksha can also aid in problems like thyroid gland, brain disorder, hand, and arm-related issues. It can be useful for people who want to attain knowledge but are too lazy or unmotivated to do so as it can help in awakening knowledge and curiosity in the person wearing it and can help them in reaching their goal.

Its ruling planet is Mercury and it also removes the negative effects of the planet Mercury and prevents various disorders caused by Mercury’s planetary defects.

Categories: , ,

Based on 0 reviews

0.0 overall
0
0
0
0
0

Be the first to review “4 Mukhi Rudraksha Nepali”

There are no reviews yet.