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5 Mukhi Special Ganesha Nepali Rudraksha (22 mm)

$15,000.00
This Rudraksha look like Savar dana but this is not Savar Dana गणेश रुद्राक्ष को शाश्त्रो में अति शुभ और अति दुर्लभ माना गया है इस रुद्राक्ष में भगवन शिव के साथ उनके पुत्र भगवन गणपति जी की भी शक्तिया निहित होती है बहुत भाग्यशाली लोगो को ही इस रुद्राक्ष के दर्शन होते है पाँच मुखी रुद्राक्ष साक्षात रुद्र स्वरुप है,  इसे धारण करने से लीवर गाल ब्लेडर प्रोस्टेट ग्रंथिया ब्लड प्रेशर डिस आर्डर पिट्यूटरी ग्लैड की समस्या को राहत देता है इसका संचालक ग्रह बृहस्पति को माना जाता है।

Benefits of wearing Paanch Mukhi Rudraksha

Panch Mukhi Rudraksha controls five Supreme Elements Agni, Jal, Vaayu, Aakash, Prithvi. Malefic effect of Jupiter is minimized on wearing 5 Mukhi Rudraksha. It helps you solve your life’s problems and difficulties It helps you develop leadership qualities It fills you with immense confidence It helps in reducing negative energy from your environment It helps you control your temper and is believed to have healing and soothing effect on people with high blood pressure
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4 Mukhi Special Ganesha Nepali Rudraksha (21 mm)

$15,000.00
This Rudraksha look like Savar dana but this is not Savar Dana गणेश रुद्राक्ष को शाश्त्रो में अति शुभ और अति दुर्लभ माना गया है इस रुद्राक्ष में भगवन शिव के साथ उनके पुत्र भगवन गणपति जी की भी शक्तिया निहित होती है बहुत भाग्यशाली लोगो को ही इस रुद्राक्ष के दर्शन होते है Benefits of Char Mukhi Rudraksha
  • Improves learning powers
  • Helps to attain liberation (Moksha) after life
  • Recommended for kidney and thyroid issues
  • The wearer of this Rudraksha attains firmness and mental strength and doesn’t accept his defeat easily
  • This Rudraksha eliminates the issues of laziness, excess sleep and unwanted dreams
चार मुखी ब्रह्म जी का स्वरुप माना जाता है। यह मनुष्य  को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चतुवर्ग देने वाला है। इससे हाथ बाजू थायराइड ग्लैंड ब्रेन डिस आर्डर जैसी समस्याओ मे लाभ मिलता है। ये छात्र वैज्ञानिको, कलाकार, टीचर, लेखक पत्रकारों को ये रुद्राक्ष जरुर धारण करना चाहिए।
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4 Mukhi Special Ganesha Nepali Rudraksha (23 mm)

$5,000.00
This Rudraksha look like Savar dana but this is not Savar Dana गणेश रुद्राक्ष को शाश्त्रो में अति शुभ और अति दुर्लभ माना गया है इस रुद्राक्ष में भगवन शिव के साथ उनके पुत्र भगवन गणपति जी की भी शक्तिया निहित होती है बहुत भाग्यशाली लोगो को ही इस रुद्राक्ष के दर्शन होते है Benefits of Char Mukhi Rudraksha
  • Improves learning powers
  • Helps to attain liberation (Moksha) after life
  • Recommended for kidney and thyroid issues
  • The wearer of this Rudraksha attains firmness and mental strength and doesn’t accept his defeat easily
  • This Rudraksha eliminates the issues of laziness, excess sleep and unwanted dreams
चार मुखी ब्रह्म जी का स्वरुप माना जाता है। यह मनुष्य  को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चतुवर्ग देने वाला है। इससे हाथ बाजू थायराइड ग्लैंड ब्रेन डिस आर्डर जैसी समस्याओ मे लाभ मिलता है। ये छात्र वैज्ञानिको, कलाकार, टीचर, लेखक पत्रकारों को ये रुद्राक्ष जरुर धारण करना चाहिए।
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7 Mukhi Special Ganesha Nepali Rudraksha (24 mm)

$10,000.00
This Rudraksha look like Savar dana but this is not Savar Dana गणेश रुद्राक्ष को शाश्त्रो में अति शुभ और अति दुर्लभ माना गया है इस रुद्राक्ष में भगवन शिव के साथ उनके पुत्र भगवन गणपति जी की भी शक्तिया निहित होती है बहुत भाग्यशाली लोगो को ही इस रुद्राक्ष के दर्शन होते है यह रुद्राक्ष आवरण पृथ्वी, जल, वायु, आकाश, अग्नि, महत्व व अहंकार का स्वरुप है। इससे धारक को लक्ष्मी प्राप्त होती है। धन-सम्पत्ति , कीर्ति प्रदान करता है इसे धारण करने से नौकरी में तरक्की, व्यापार मे वृ़द्धी औक्र ईश्वर भक्ति प्रबल होती है। आर्थिक मानसिक, शारीरिक विपत्तियो से रक्षा करता है। और धारक को लक्ष्मी और अरोग्यता की प्राप्ति होती है। ये व्यापार या नौकरी करने वालो के लिए विशेष लाभकारी है।  इसको धारण करने से स्वर्ण चोरी के पाप से मुक्ति मिलती है ये शनि के साढ़े साती ढैया के दौरान धारक की रक्षा करता है
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Ganesh Ji Idols ( Pyrite Crystal )

$4,425.00
Traditionally, Pyrite is known as a stone of luck, helping to attract abundance, wealth and prosperity to the user, via
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Ganesh Ji Idols ( Pyrite Crystal )

$4,100.00
Traditionally, Pyrite is known as a stone of luck, helping to attract abundance, wealth and prosperity to the user, via its creative energies of manifestation, and its encouragement of following one's dreams. This quality makes Pyrite excellent for grid work and rituals. Pyrite not only deflects negative energies, but also helps to release negative and inhibiting patterns of behavior. Pyrite can enhance one's will during challenging times and supports the action necessary for personal growth and success. Meditation with Pyrite can encourage greater frequency in moments of inspiration, and its grounding action allows these higher frequencies to be grounded into the physical world
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2 to 14 Mukhi Rudraksha + 6 Mukhi Ganesh Nepali Mala

$165,000.00
यह साक्षात भगवान शिव का स्वरुप माना जाता हैइसमें स्वयं भगवान शिव विराजमान हैं एक मुखी रुद्राक्ष के बारे में कहा जाता है कि इसके दर्शन मात्र से ही मानव का कल्याण होता है। दो मुखी रुद्राक्ष मे दो धारी होती है। यह रुद्राक्ष अध नारिश्वर स्वरुप है इसको धारण करने से भगवान शिव और माता पार्वती हमेशा खुश रहते हैं। तीन मुखी रुद्राक्ष में तीन धारिया होती है इसे अग्नि स्वरुप माना जाता है। यह सत्य रज तथा तम इन तीनो का त्रिगुणात्मक शक्ति रुप है। चतुर्मुर्ख ब्रह्म जी का स्वरुप माना जाता है। इसमे चार धारिया होती है इसे चार वेदों का रुप भी माना जाता है यह मनुष्य  को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चतुवर्ग देने वाला है। पाँच मुखी रुद्राक्ष साक्षात रुद्र स्वरुप है, इसके पांचो मुखो को भगवान शिव का पंचानन स्वरुप माना गया है। छः मुखी रुद्राक्ष शिवजी के बेटे कार्तिकेय का स्वरुप है इसमे छः धारियां है यह विद्या ज्ञान बुद्धि का प्रतीक है यह विद्या अध्ययन में अद्भुत शक्ति देता है। यह सात आवरण पृथ्वी जलवायु, आकाश , अग्नि महत्व व अहंकार का स्वरुप है। इससे धारक को लक्ष्मी प्राप्त होती है। धन-सम्पत्ति , कीर्ति प्रदान करता है इसे धारण करने से नौकरी में तरक्की, व्यापार मे वृ़द्धी औक्र ईश्वर भक्ति प्रबल होती है। आठ मुखी रुद्राक्ष को विनायक का रुप माना गया है। धारक की विध्न बाधाये दूर होती है और आठों दिशाओं मे विजय प्राप्त होती है, कोर्ट कचहरी के चक्रों मे सफलता प्राप्त होती है इसमे आठ धारियां होती है ये श्री गणेश भगवान का स्वरुप है। यह रुद्राक्ष नव शक्तियों से संपन्न है। धारक को न केवल तीर्थों पशुपति, सोमनाथ, पारसनाथ, बद्रीनाथ, जगन्नाथ, आदि तीर्थों का फल प्राप्त होता है इसे धर्मराज का स्वरुप माना गया है। दस मुखी रुद्राक्ष में १० धारियाँ होती हैं। इसे भगवान विष्णु का स्वरुप माना गया है इसे पहनने से दस देवता अति प्रसन्य होते हैं और धारक को अनेक प्रकार की दिव्या शक्तियाँ प्रदान करते हैं। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष भी रुद्र स्वरुप है यह भगवान शिव के भ्रक्तो के लिए बहुत ही प्रभावशाली तथा अमोध वस्तु है इसको धारण करने से सदा सुख में वृद्धि होती है। यह भगवान विष्णु का स्वरूप है इसके देवता बारह सूर्य है भगवान सूर्य संसार को चलाने वाला देवता है सम्र्पूण पृथ्वी सूर्य भगवान की कृपा पर निर्भर है। तेरह मुखी रूद्राक्ष भगवान इन्द्र का स्वरूप माना जाता है इसको धारण करने से इन्द्र भगवान खुश होते है जिससे ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है इसको धारण करने से सभी प्रकार की मनोकामनाये पूरी होती है यश की प्राप्ति होती है। चौदह मुखी रूद्राक्ष रूद्र के नेत्र से प्रकट हुआ रूद्राक्ष है यह अत्यन्त दुर्लभ रूद्राक्ष मे माना जाता है परम प्रभावशाली तथा अल्प समय मे ही भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला है चैदह मुखी रूद्राक्ष साक्षात देवमणि है यह दुर्लभ होने के साथ साथ बहुत ही महत्वपूर्ण है चैदह मुखी रूद्राक्ष मे हनुमान जी की सम्पूर्ण शक्ति निहित है इसके प्रभाव से धारक सभी प्रकार के संकटो से मुक्त रहता है। गणेश रुद्राक्ष को शाश्त्रो में अति शुभ और अति दुर्लभ माना गया है इस रुद्राक्ष में भगवन शिव के साथ उनके पुत्र भगवन गणपति जी की भी शक्तिया निहित होती है बहुत भाग्यशाली लोगो को ही इस रुद्राक्ष के दर्शन होते है कहा जाता है की यह रुद्राक्ष आपके जीवन में आने वाली सभी विघ्नो को दूर करने में आपकी सहयाता करता है और इसको धारण करने वाले के जीवन में भगवन शिव के साथ साथ ही भगवन गणपति जी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है

2 to 14 Mukhi Rudraksha With Gauri-Shankar Rudraksha Indonesian Mala

$35,000.00 $30,000.00
यह साक्षात भगवान शिव का स्वरुप माना जाता हैइसमें स्वयं भगवान शिव विराजमान हैं एक मुखी रुद्राक्ष के बारे में कहा जाता है कि इसके दर्शन मात्र से ही मानव का कल्याण होता है। दो मुखी रुद्राक्ष मे दो धारी होती है। यह रुद्राक्ष अध नारिश्वर स्वरुप है इसको धारण करने से भगवान शिव और माता पार्वती हमेशा खुश रहते हैं। तीन मुखी रुद्राक्ष में तीन धारिया होती है इसे अग्नि स्वरुप माना जाता है। यह सत्य रज तथा तम इन तीनो का त्रिगुणात्मक शक्ति रुप है। चतुर्मुर्ख ब्रह्म जी का स्वरुप माना जाता है। इसमे चार धारिया होती है इसे चार वेदों का रुप भी माना जाता है यह मनुष्य  को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चतुवर्ग देने वाला है। पाँच मुखी रुद्राक्ष साक्षात रुद्र स्वरुप है, इसके पांचो मुखो को भगवान शिव का पंचानन स्वरुप माना गया है। छः मुखी रुद्राक्ष शिवजी के बेटे कार्तिकेय का स्वरुप है इसमे छः धारियां है यह विद्या ज्ञान बुद्धि का प्रतीक है यह विद्या अध्ययन में अद्भुत शक्ति देता है। यह सात आवरण पृथ्वी जलवायु, आकाश , अग्नि महत्व व अहंकार का स्वरुप है। इससे धारक को लक्ष्मी प्राप्त होती है। धन-सम्पत्ति , कीर्ति प्रदान करता है इसे धारण करने से नौकरी में तरक्की, व्यापार मे वृ़द्धी औक्र ईश्वर भक्ति प्रबल होती है। आठ मुखी रुद्राक्ष को विनायक का रुप माना गया है। धारक की विध्न बाधाये दूर होती है और आठों दिशाओं मे विजय प्राप्त होती है, कोर्ट कचहरी के चक्रों मे सफलता प्राप्त होती है इसमे आठ धारियां होती है ये श्री गणेश भगवान का स्वरुप है। यह रुद्राक्ष नव शक्तियों से संपन्न है। धारक को न केवल तीर्थों पशुपति, सोमनाथ, पारसनाथ, बद्रीनाथ, जगन्नाथ, आदि तीर्थों का फल प्राप्त होता है इसे धर्मराज का स्वरुप माना गया है। दस मुखी रुद्राक्ष में १० धारियाँ होती हैं। इसे भगवान विष्णु का स्वरुप माना गया है इसे पहनने से दस देवता अति प्रसन्य होते हैं और धारक को अनेक प्रकार की दिव्या शक्तियाँ प्रदान करते हैं। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष भी रुद्र स्वरुप है यह भगवान शिव के भ्रक्तो के लिए बहुत ही प्रभावशाली तथा अमोध वस्तु है इसको धारण करने से सदा सुख में वृद्धि होती है। यह भगवान विष्णु का स्वरूप है इसके देवता बारह सूर्य है भगवान सूर्य संसार को चलाने वाला देवता है सम्र्पूण पृथ्वी सूर्य भगवान की कृपा पर निर्भर है। तेरह मुखी रूद्राक्ष भगवान इन्द्र का स्वरूप माना जाता है इसको धारण करने से इन्द्र भगवान खुश होते है जिससे ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है इसको धारण करने से सभी प्रकार की मनोकामनाये पूरी होती है यश की प्राप्ति होती है। चौदह मुखी रूद्राक्ष रूद्र के नेत्र से प्रकट हुआ रूद्राक्ष है यह अत्यन्त दुर्लभ रूद्राक्ष मे माना जाता है परम प्रभावशाली तथा अल्प समय मे ही भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला है चैदह मुखी रूद्राक्ष साक्षात देवमणि है यह दुर्लभ होने के साथ साथ बहुत ही महत्वपूर्ण है चैदह मुखी रूद्राक्ष मे हनुमान जी की सम्पूर्ण शक्ति निहित है इसके प्रभाव से धारक सभी प्रकार के संकटो से मुक्त रहता है। प्राक्रतिक रूप से परस्पर जुड़े दो रूद्राक्षों को गौरी शंकर रूद्राक्ष कहा जाता है इसे भगवान शिव और माता गौरी का प्रतीक माना जाता है।